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Yellowing of the eyes and skin in children

बच्चों की आंखों और त्वचा में पीलापन? इसे नजरअंदाज न करें

बच्चे की आंखों का सफेद हिस्सा या त्वचा पीली दिखाई देना केवल रंग में सामान्य बदलाव नहीं माना जाना चाहिए। इसे चिकित्सकीय भाषा में Jaundice (पीलिया) कहा जाता है। पीलिया तब दिखाई देता है जब शरीर में bilirubin नामक पीले पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्थिति नवजात शिशुओं में अपेक्षाकृत आम हो सकती है, लेकिन बड़े बच्चों में आंखों या त्वचा का पीलापन किसी लिवर, खून, संक्रमण या पित्त के प्रवाह से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

यदि आपके बच्चे में आंखों और त्वचा में पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल, भूख कम लगना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

Dr. Sumit Kumar Singh " Child Gastro Care में बच्चों की लिवर और पाचन संबंधी समस्याओं के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध है। समय पर जांच से पीलापन होने के कारण को समझने और आगे की उचित चिकित्सा योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

बच्चों में पीलिया क्या होता है?

पीलिया अपने आप में एक अलग बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में चल रही किसी समस्या का संकेत हो सकता है। जब रक्त में bilirubin की मात्रा बढ़ती है, तब त्वचा, आंखों का सफेद हिस्सा और कभी-कभी मुंह के अंदर की झिल्ली भी पीली दिखाई देने लगती है।

Bilirubin सामान्य रूप से पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने के बाद बनता है। शरीर में लिवर इसे प्रोसेस करने और बाहर निकालने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि bilirubin अधिक बन रहा हो, लिवर उसे सही तरीके से प्रोसेस न कर पा रहा हो, या पित्त के प्रवाह में रुकावट हो, तो उसका स्तर बढ़ सकता है।

इसलिए बच्चों में पीलिया का इलाज शुरू करने से पहले कारण जानना सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।

बच्चों में आंखों और त्वचा के पीलेपन के मुख्य कारण

पीलिया कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। बच्चे की उम्र, लक्षण और स्वास्थ्य इतिहास के अनुसार संभावित कारण बदल सकते हैं।

1. लिवर से जुड़ी बीमारी

लिवर में सूजन, संक्रमण या किसी अन्य बीमारी के कारण bilirubin को प्रोसेस करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

कुछ लिवर संबंधी स्थितियों में पीलापन महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।

2. वायरल हेपेटाइटिस

कुछ प्रकार के वायरल संक्रमण लिवर को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे को पीलापन के साथ कमजोरी, भूख कम लगना, पेट में असुविधा या गहरे रंग का पेशाब हो सकता है।

3. लाल रक्त कोशिकाओं का तेजी से टूटना

कुछ स्थितियों में लाल रक्त कोशिकाएं सामान्य से अधिक तेजी से टूट सकती हैं। इससे bilirubin अधिक मात्रा में बन सकता है और पीलिया दिखाई दे सकता है।

4. पित्त की नलियों में समस्या

लिवर से पित्त का सामान्य प्रवाह प्रभावित होने पर bilirubin शरीर में जमा हो सकता है।

विशेष रूप से छोटे शिशुओं में biliary atresia जैसी स्थिति में bile ducts प्रभावित हो सकती हैं। इसका एक शुरुआती संकेत त्वचा और आंखों का पीला होना हो सकता है।

5. कुछ आनुवंशिक स्थितियां

कुछ बच्चों में bilirubin metabolism से जुड़ी genetic conditions के कारण समय-समय पर हल्का पीलापन दिखाई दे सकता है।

उदाहरण के लिए Gilbert's syndrome में त्वचा और आंखों के सफेद हिस्से में हल्का पीलापन कभी-कभी दिखाई दे सकता है।

बच्चों में पीलिया के साथ कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?

केवल त्वचा का रंग देखना पर्याप्त नहीं है। अन्य लक्षण भी कारण समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

ध्यान देने वाले संकेतों में शामिल हैं:

  • आंखों का सफेद हिस्सा पीला होना

  • त्वचा पीली दिखाई देना

  • पेशाब का रंग ज्यादा गहरा होना

  • मल का रंग सामान्य से बहुत हल्का होना

  • भूख कम लगना

  • कमजोरी या थकान

  • पेट में दर्द या असुविधा

  • उल्टी या मितली

  • खुजली

  • वजन कम होना

  • बच्चे का सामान्य से ज्यादा सुस्त रहना

पीलिया के साथ गहरे रंग का पेशाब और हल्का मल भी दिखाई दे सकता है।

नवजात शिशु में पीलापन कितना सामान्य है?

नवजात शिशुओं में जीवन के शुरुआती दिनों में पीलिया काफी आम है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि नवजात के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का turnover अधिक होता है और लिवर bilirubin को हटाने की प्रक्रिया में अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं होता।

लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हर नवजात पीलिया को बिना जांच के सामान्य मान लेना चाहिए।

यदि शिशु:

  • बहुत ज्यादा पीला दिख रहा हो

  • दूध कम पी रहा हो

  • ज्यादा सुस्त हो

  • पीलापन लगातार बढ़ रहा हो

  • मल बहुत हल्का या सफेद दिखाई दे

  • पेशाब गहरा दिखाई दे

तो तुरंत pediatric evaluation आवश्यक हो सकती है।

बड़े बच्चों में पीलिया को क्यों गंभीरता से लेना चाहिए?

स्कूल जाने वाले या किशोर बच्चों में अचानक त्वचा और आंखों का पीला होना सामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

ऐसे मामलों में कारण जानने के लिए डॉक्टर द्वारा जांच की आवश्यकता हो सकती है।

बड़े बच्चों में पीलिया के पीछे:

  • लिवर संक्रमण

  • Hepatitis

  • Hemolysis

  • Bile flow problems

  • कुछ genetic conditions

  • दवाओं से संबंधित liver injury

जैसे कारण संभावित हो सकते हैं।

इसलिए Child Liver Specialist in Indore से समय पर consultation करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

बच्चों में पीलिया की जांच कैसे की जाती है?

डॉक्टर केवल त्वचा देखकर अंतिम diagnosis नहीं करते। बच्चे की उम्र, लक्षण, बीमारी की अवधि और medical history के आधार पर जांच तय की जा सकती है।

Clinical Examination

डॉक्टर जांच सकते हैं:

  • आंखों और त्वचा का पीलापन

  • पेट में सूजन

  • लिवर या spleen का आकार

  • बच्चे की hydration

  • वजन और सामान्य स्वास्थ्य

Bilirubin Blood Test

Blood test से bilirubin का स्तर मापा जा सकता है। Elevated bilirubin पीलिया की पुष्टि करने में मदद करता है।

Liver Function Tests

कुछ मामलों में liver enzymes और अन्य liver-related parameters की जांच की जा सकती है।

Additional Blood Tests

लक्षणों के आधार पर डॉक्टर infection, anemia, hepatitis या अन्य स्थितियों की जांच सुझा सकते हैं।

Ultrasound

यदि liver, gallbladder या bile ducts से जुड़ी समस्या का संदेह हो तो ultrasound की जरूरत पड़ सकती है।

छोटे शिशुओं में biliary atresia का मूल्यांकन medical history, physical examination, stool और urine color तथा अन्य जांचों के साथ किया जाता है।

क्या पीलिया में घरेलू इलाज पर्याप्त है?

बच्चों में पीलिया को केवल गन्ने का रस, घरेलू काढ़े, herbal remedies या विशेष भोजन से ठीक करने की कोशिश करना उचित नहीं है।

पीलिया का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है।

यदि कारण viral infection है तो management अलग हो सकता है, जबकि bile duct problem, blood-related disorder या किसी chronic liver condition में अलग treatment की आवश्यकता हो सकती है।

इसलिए बच्चों में पीलिया का सही इलाज diagnosis से शुरू होता है, न कि केवल पीलेपन को कम करने के प्रयास से।

बच्चे को क्या खिलाएं?

पीलिया के दौरान किसी एक “special jaundice diet” को हर बच्चे के लिए आवश्यक नहीं माना जा सकता।

आहार बच्चे की उम्र, बीमारी, appetite और underlying condition के अनुसार होना चाहिए।

सामान्य रूप से डॉक्टर की सलाह के अनुसार ध्यान रखा जा सकता है:

  • पर्याप्त fluids

  • उम्र के अनुसार balanced diet

  • हल्का और आसानी से खाया जाने वाला भोजन

  • फल और सब्जियां

  • पर्याप्त calories और protein

यदि बच्चे की भूख बहुत कम हो रही है या बार-बार उल्टी हो रही है, तो medical review कराना जरूरी है।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

यदि बच्चे की आंखें या त्वचा पीली दिखाई दे रही हैं, तो medical evaluation में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए।

विशेष रूप से तुरंत सलाह लें यदि:

  • पीलापन तेजी से बढ़ रहा है

  • बच्चा बहुत सुस्त है

  • बच्चा खाना या दूध नहीं ले रहा

  • बार-बार उल्टी हो रही है

  • पेट में तेज दर्द है

  • पेशाब बहुत गहरा है

  • मल बहुत हल्का या सफेद है

  • तेज बुखार है

  • पेट में सूजन दिखाई दे रही है

  • वजन कम हो रहा है

त्वचा या आंखों का स्पष्ट पीलापन किसी गंभीर underlying problem का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे medically evaluate करना आवश्यक है।

बच्चों में Liver Health की देखभाल

हर liver condition को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बच्चों की सामान्य liver health के लिए कुछ अच्छी आदतें उपयोगी हैं:

  • Balanced diet दें

  • स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करें

  • बिना डॉक्टर की सलाह medicines न दें

  • अनजान herbal supplements से बचें

  • Vaccination schedule समय पर पूरा करवाएं

  • साफ पानी और hygienic food का ध्यान रखें

  • बार-बार होने वाले digestive या liver symptoms को ignore न करें

अगर पहले से liver-related problem diagnose हो चुकी है तो regular follow-up जरूरी हो सकता है।

Child Gastroenterologist in Indore कब जरूरी हो सकता है?

जब पीलिया के साथ digestive या liver-related symptoms दिखाई दें, तो pediatric gastroenterology evaluation उपयोगी हो सकती है।

आप Child Gastroenterologist in Indore से consultation पर विचार कर सकते हैं यदि:

  • bilirubin बार-बार बढ़ रहा है

  • liver tests abnormal हैं

  • hepatitis का संदेह है

  • पेट में persistent pain है

  • बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा

  • मल का रंग असामान्य है

  • chronic liver problem का संदेह है

  • पहले से liver disease diagnose हो चुकी है

बच्चों में पीलिया के लिए Personalized Evaluation क्यों जरूरी है?

एक newborn में jaundice का कारण बड़े बच्चे से बिल्कुल अलग हो सकता है। इसी तरह एक बच्चे में viral infection हो सकता है, जबकि दूसरे में bile flow या blood-related समस्या हो सकती है।

इसलिए सिर्फ “पीलिया” देखकर एक जैसा treatment देना सही approach नहीं है।

Dr. Sumit Kumar Singh " Child Gastro Care में Child Jaundice Treatment in Indore, pediatric liver concerns और digestive problems के लिए evaluation किया जा सकता है, जहां treatment planning बच्चे की उम्र, symptoms और investigation findings के अनुसार तय की जाती है।

Frequently Asked Questions – बच्चों में पीलिया

1. बच्चे की आंखें पीली होने का क्या मतलब है?

आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना jaundice का संकेत हो सकता है। यह blood में bilirubin बढ़ने के कारण होता है और इसके पीछे अलग-अलग medical causes हो सकते हैं।

2. क्या बच्चों में पीलिया अपने आप ठीक हो जाता है?

कुछ newborn jaundice अपने आप कम हो सकता है, लेकिन हर case ऐसा नहीं होता। बड़े बच्चों या लंबे समय तक बने रहने वाले पीलिया में medical evaluation जरूरी है।

3. पीलिया में कौन से tests करवाए जाते हैं?

Bilirubin test, liver function tests और जरूरत के अनुसार अन्य blood tests या ultrasound सलाह दिए जा सकते हैं। जांच symptoms और suspected cause पर निर्भर करती है।

4. क्या गहरे रंग का पेशाब भी पीलिया का संकेत हो सकता है?

हां। पीलिया के साथ dark urine और pale stools दिखाई दे सकते हैं, खासकर कुछ liver या bile-related conditions में।

Contact Us – बच्चों की आंखों और त्वचा का पीलापन नजरअंदाज न करें

यदि आपके बच्चे की आंखों या त्वचा में पीलापन, गहरा पेशाब, हल्का मल, कमजोरी, पेट दर्द या भूख कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो केवल घरेलू उपचार पर निर्भर न रहें।

समय पर Child Liver Specialist in Indore से जांच करवाने से कारण समझने और जरूरत के अनुसार सही treatment शुरू करने में मदद मिल सकती है।

Contact Us Today और बच्चे की liver तथा digestive health के लिए विशेषज्ञ consultation बुक करें।

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